बिजनेस एवं इंडस्ट्री विंग की नेशनल कॉन्फ्रेंस शुरू- उद्घाटन सत्र को दादी जानकी जी ने किया संबोधित

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गुणों की लेन-देन का भी व्यापार करें: दादी जानकी
– बिजनेस एवं इंडस्ट्री विंग की नेशनल कॉन्फ्रेंस शुरू
– देशभर से पधारे 8 हजार से अधिक व्यापारी एवं उद्योगपति
– आध्यात्मिक ज्ञानोदय द्वारा व्यापार में स्वर्णिम युग
 
2 सितंबर, आबू रोड (निप्र)।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन परिसर में चल रही नेशनल कॉन्फ्रेंस में देशभर से करीब आठ हजार से अधिक व्यापारी और उद्योगपति पहुंचे हैं। कॉन्फ्रेंस का आयोजन बिजनेस एवं इंडस्ट्री विंग की ओर से  आध्यात्मिक ज्ञानोदय द्वारा व्यापार में स्वर्णिम युग विषय पर आयोजित की गई है।
उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए मुख्य प्रशासिका दादी जानकी ने कहा कि देशभर से पधारे सभी व्यापारी भाई-बहनों का परमात्मा के घर में दिल से स्वागत है। यहां से सभी एक सबक लेकर जाएं कि आज से एक-दूसरे के गुण ही देखेंगे। गुणों की लेन-देन का ही व्यापार करेंगे। सदा याद रखें मैं एक आत्मा हूं और मेरा साथी, शिक्षक, सद्गुरु एक परमपिता परमात्मा है। जब साथी के साथ होकर चलेंगे तो सदा जीवन सुख-शांति और प्रेम रहेगा। हमारी दृष्टि सदा पवित्र हो। इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ईश्वरीय पढ़ाई पढ़ाई जाती है। सदा एक-दूसरे को इंस्पायर करते रहें। हमारी जीवन यात्रा में ऐसी बातें हों जो सभी कहें कि जीवन हो तो ऐसा हो। परमात्मा सदा दयालु है। हम सभी परमात्मा के बच्चे हैं।
बिजनेस विंग की नेशनल को-ऑर्डिनेटर राजयोगिनी योगिनी बहन ने कहा कि  व्यापारी एवं उद्योगपति भाई-बहनें अपने व्यापार में आध्यात्म को शामिल कर लें तो व्यापार में भी स्वर्णिम युग आ जाएगा। फिर व्यापार भी ईमानदारी और सच्चाई-सफाई का व्यापार बन जाएगा। इस दौरान उन्होंने डॉयमंड हॉल में उपस्थित सभी मेहमानों को राजयोग की गहन अनुभूति भी कराई।
विंग के वॉइस चेयरपर्सन एमएल शर्मा ने अपने जीवन का अनुभव बताते हुए कहा कि मुझे बचपन से ही परमात्मा की खोज थी। ब्रह्माकुमारी•ा से जुड़कर मेरा पूरा जीवन बदल गया। जीवन में कई परेशानियां आईं लेकिन सभी ऐसे निकल गईं जैसे दही में से बाल निकलता है। जब हमारे जीवन में मूल्य होते हैं तो हम जो भी कर्म करते हैं वह भी फलदायी और सुखदायी होते हैं। परमात्मा के आशीर्वाद से आज व्यापार दिन-रात बढ़ रहा है।
प्रसिद्ध बिजनेसमैन सागर जेठानी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी•ा से जुड़कर पता चला कि जीवन की असली सक्सेस है खुद को जानना  और खुदा को जानना। यदि जीवन में सुख-शांति और आनंद है तो वही जीवन की असली सफलता है। हम कितना भी पैसा कमा लें लेकिन यदि जीवन में आनंद नहीं तो वह पैसा व्यर्थ है।
स्वागत भाषण देते हुए बिजनेस एवं इंडस्ट्री विंग की मुख्यालय संजोजिका वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके गीता ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। साथ ही इस कॉन्फ्रेंस का पूरी तरह से सभी से लाभ लेना का आह्नान किया। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत दादी के साथ सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर की। वहीं पालघर से पधारीं बालिकाओं ने सुंदर स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। बीके हरीश भाई ने कॉन्फ्रेंस की रुपरेखा रखी। बीके मोहन भाई ने आभार व्यक्त किया।